पढ़ना बिल्कुल वैसा ही है जैसे शरीर के लिए व्यायाम।
डॉ. एपीजी अब्दुल कलाम ने कहा है - " प्रतिदिन एक घंटा विशेष रूप से पुस्तक पढ़ने के लिए दें और आप कुछ ही वर्षों में एक ज्ञान केंद्र बन जाएंगे। " इसमें कोई शक नहीं है कि किताब पढ़ने वाला एक ज्ञान का केंद्र है। इस दुनिया में जितने भी महान लोग हुए या लीडर हुए, उन सभी ने किताब पढ़ने को अहमियत दी है। इन सभी लोगों में एक आदत समान थी और वह है पढ़ने ( Reading )की। भगत सिंह सिर्फ बंदूक चलाने और नारा लगाने के लिए नहीं जाने जाते थे उन्होंने ढेरों किताबें पढ़ी। जेल में रहकर भी वे किताबें पढ़ते रहे। अब्दुल कलाम का जब देहांत हुआ तब उनके घर में लगभग 2500 से ज्यादा किताबें मिली। अब्दुल कलाम पढ़ने के काफी शौकीन थे। इंस्टाग्राम और फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग उन्होंने दुनिया को इंस्टाग्राम और फेसबुक में व्यस्त कर दिया है परंतु वे खुद किताबों में लीन रहते है। इसके अलावा दुनिया के तमाम लोग ईलॉन मस्क, बिल गेट्स, बराक ओबामा, मार्टिन लुथर , रॉबर्ट कियोसाकी सभी ने किताबो को अपना वक्त दिया है। ...