आगाखां पैलेस ( पुणे की सबसे खूबसूरत जगह )
यहाँ एक अलग ही वातावरण था। ऊपर नीला आसमान और नीचे हरा-भरा परिसर। पड़ों की पत्तियां हवा का सहारा लेकर बातें कर रही थी और उनकी बातें मुझे स्पष्ट रुप से सुनाई दे रही थीं। रह-रहकर पक्षियों की आवाज़ भी कानों में दस्तक दे रही थी। पेड़ों की छाव ज़मीन को ठंडा कर रही थी। पुणे में तेज़ धूप होने के बावजूद यहाँ इतना ठंडा वातावरण था। शायद यही कारण है कि पेड़ों का हमारे जीवन में होना कितना महत्त्वपूर्ण है। मैं आगाखां पैलेस के परिसर में खड़ा था। स्तब्ध सा। पैलेस की खूबसूरती को बयां नहीं किया जा सकता। पैलेस की खूबसूरती को बयां करना सुरज को आइना दिखाने जैसा है। पैलेस के अन्दर तक जाने वाली सभी सड़के साफ-सुथरी थी। कुछ पत्ते ज़रूर पेड़ों की डाल से टूटकर ज़मीन व सड़क पर पड़े थे। शायद यह पतझड़ की शुरुआत है। रात को रोशन करने के लिए सड़क किनारे स्ट्रीट लैंप लगें हुए हैं। भारतीय पर्यटनों के लिए प्रवेश मूल्य है मात्र 5 रुपए और विदेशी पर्यटनों के लिए मूल्य है 100 रुपए। यह पैलेस सुबह नो बजे से साढ़े पांच बजे तक खुला रहता है। आगाखां पैलेस भारतीय इतिहास के सब...