दिव्य कला मेला 2023



दिव्य कला मेला 2023, यह मेला दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा बनाई उनकी चीजे, उत्पाद और शिल्फ कारीगरी को प्रदर्शित कराने के लिए आयोजित किया गया है। यह मेला मुंबई में आयोजित किया है और यह 16-25 फरवरी, 2023 तक बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के एमएमआरडीए ग्राउंड नं. 1 में आयोजित हो रहा है।

अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और राज्य मंत्री रामदास आठवले ने इस मेले का 16 फरवरी को उद्घाटन किया। यह मेला 10 दिनों तक चलेगा।


     मेले में क्या क्या खास है?

     इस मेले में लगभग 200 से ज्यादा विकलांग लोग अपनी कलाकारी और उत्पादों, कौशल का प्रदर्शन करेंगे।


देश के तमाम राज्यो से जैसे जम्मू और कश्मीर, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान जैसे ओर भी राज्यो के विकलांग लोग यहां अपनी कलाकृति दिखा रहे है।

यह मेला सभी के लिए आयोजित है। प्रवेश निशुल्क है। लोगों को तरह तरह की वेशभूषा देखने को मिलेगी, खाने पीने में विविधता मिलेगी, खाने पीने की ढेरों स्टोल लगी है। इसके अलावा कल्चरल प्रोग्राम भी यहां हर शाम होगा। जिसमे कुछ नाच गाना होगा।

घरेलू सजावट की वस्तुएं, डिजाइनदार कपड़े, कुछ खाद्य पैक किए गए और जैविक उत्पाद, मसाले, बच्चों के लिए खिलौने, महिलाओं के लिए आभूषण, पुरषों के लिए डिजाइनदार कुर्ता, तरह तरह की चादर, फर्नीचर, पेंटिंग ऐसी तमाम चीजें आपको इस मेले में देखने को मिल जाएगी और आप इन चीजों को खरीद भी सकते हो। अगर आप यहां से कुछ खरीदते हो तो विकलांग लोगो को भी अच्छा लगेगा।


दिव्यंगो को मेले से होने वाला लाभ

इन मेलों में दूर दूर से लोग आते है लिहाज़ा लोगों को दिव्यांगो की कला का अंदाजा होता है। लोगो द्वारा चीजे खरीदी जाने पर डिव्यांगो को अपने काम के प्रति प्रेरणा मिलती है। उन्हें अपने प्रोडक्ट लोगों के बीच बेचने का सुनहरा मौका मिलता है।


उनके द्वारा बनाई गई वस्तुएं देखकर हम उन्हें विकलांग कभी नहीं कह सकते। उनमें भी हमारी तरह ही काम करने की शक्ति है। उनकी कलाकारी भी अद्भुत है, जहां हमारे पास हाथ पैर सब कुछ होने के बावजूद हम ऐसी चीजें नहीं बना सकते यहां यह लोग एक से बढ़कर एक चीजें बना देते है। यह मेला दिव्यांगो का आत्मसम्मान बढ़ाता है। यह मेला सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक रहेगा।


© रविंद्र मुंडेतिया

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